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दिल्ली समेत 3 राज्यों में AAP-कांग्रेस गठबंधन पर सस्पेंस खत्म, BJP की राह हुई आसान

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की सभी संभावनाएं खत्म हो गई हैं। AAP ने साफ कर दिया है कि वह किसी से गठबंधन नहीं करेगी। AAP जल्द ही दिल्ली और पंजाब में सभी प्रत्याशियों की घोषणा करने जा रही है। जाहिर इससे तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधे लाभ पहुंचेगा।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रभारी गोपाल राय ने समाचार एजेंसी एएनआइ से बातचीत में कहा कि हमारी पार्टी पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कांग्रेस से कोई गठबंधन नहीं करेगी। वह अकेले ही 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। AAP विधायक गोपाल राय ने नाराजगी भरे अंदाज में कहा कि कांग्रेस के लिए उसका घमंड राष्ट्रहित से बड़ा है। यह सब तीन राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद शीला दीक्षित और पंजाब के सीएम अमरिंद सिंह के बयानों में भी दिखा है।

गौरतलब है कि गठबंधन न होने के लिए AAP ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और दिल्ली की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित को जिम्मेदार माना है। AAP के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह व शीला दीक्षित ने गैर जरूरी बयान देकर हमारी राह आसान कर दी है।

पार्टी की दिल्ली और पंजाब इकाई के मना करने के बाद भी हमारे ऊपर गठबंधन के लिए मित्र दलों का दबाव था। उनका तर्क था कि सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतें एक साथ मिलकर चुनाव लड़ें। कयास लगाए जा रहे थे कि AAP भी महागठबंधन में शामिल हो सकती है।

लोकसभा प्रभारी बनाए जाने के बाद भी प्रत्याशियों की घोषणा न किए जाने को भी इससे जोड़ कर देखा जा रहा था। हालांकि स्थिति उस समय बिगड़ गई जब AAP मुख्यालय पर कुछ दिन पहले युवक कांग्रेस ने प्रदर्शन और तोड़फोड़ की। इस पर आप ने अजय माकन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। कांग्रेस का आरोप था कि उसने इसलिए प्रदर्शन किया, क्योंकि दिल्ली विधानसभा मे राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने का प्रस्ताव पास किया गया। जबकि अगले ही दिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेसवार्ता कर साफ किया था कि इस तरह का कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ है।

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