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फिर खुल गए बंद किए 109 में से 16 स्कूल, इनके दबाव में लिया फैसला

रकार ने बंद हुए कई सरकारी स्कूलों को दोबारा खोलने का फैसला लिया है। इसके तहत स्कूली बच्चों की संख्या कम होने के चलते बंद किए गए 109 स्कूलों में से 16 स्कूल दोबारा खोल दिए हैं।

राजनेताओं के दबाव में आकर शिक्षा निदेशालय ने राज्य मंत्रिमंडल का फैसला बदल दिया है। स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होने के चलते इन स्कूलों को सरकार ने बंद करने का फैसला लिया था। कांगड़ा जिले में सबसे अधिक स्कूल दोबारा खोले गए हैं।

पांच से कम छात्रों की संख्या होने के चलते प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इसी साल 109 स्कूलों को साथ लगते स्कूलों में मर्ज करने का फैसला लिया था। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होने के चलते पढ़ाई का माहौल नहीं बनने का तर्क देते हुए स्कूल बंद किए गए थे।

राज्य मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पारित कर शिक्षा निदेशालय के माध्यम से स्कूलों को बंद करने की अधिसूचना जारी की थी। बताया जा रहा है कि स्कूलों के बंद होने के चलते राजनेताओं की मुश्किलें बढ़ गई थीं।

कुछ नेताओं ने सरकार को स्वयं ज्ञापन सौंपे थे तो कुछ ने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार से स्कूलों को बंद नहीं करने की वकालत की थी। इन नेताओं के दबाव में आकर सरकार को 109 में से 16 स्कूल दोबारा खोलने पड़े हैं।

प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले में सबसे अधिक सात स्कूलों को दोबारा खोला है। इनमें फतेहपुर ब्लॉक का झड़ोली, रैत का बटवाला और कैड़ी, पालमपुर का जमूला, नगरोटा बगवां का मझेटी और कनेड़, धर्मशाला का अपर मनेड़,

शिमला जिले के रामपुर ब्लॉक का दमड़ैल और कुस्मू, शिमला का रंगोल, किन्नौर जिले के निचार ब्लॉक का दबलिंग और शिलनी, सिरमौर जिले के नाहन ब्लॉक का रानी, मंडी जिले के चौंतड़ा दो ब्लॉक का कालाअंब, सैगालू ब्लॉक का तरयासल और चंबा जिले के बनीखेत ब्लॉक का सुदंली स्कूल दोबारा खोला गया है।

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