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‘चौकीदारी’ की नौकरी में एक करोड़ युवा…इसी पेशे से अपने परिवार का कर रहे हैं भरण पोषण

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच ‘चौकीदार’ को लेकर भले ही जुबानी छिड़ी हुई हो, लेकिन देश के करीब एक करोड़ युवा इसी पेशे से अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। चौकीदारी के लगभग एक हजार अरब रुपए के पेशे में 15 से 40 वर्ष आयु के एक करोड़ से अधिक युवा जुड़े हुए हैं। श्री मोदी स्वयं को देश और आम जनता की धन-सम्पदा का ‘चौकीदार’ बताते हैं। दूसरी ओर श्री गांधी उन पर लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि उन्होंने राफेल विमान सौदे में उद्योगपति अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपए का आफसेट ठेका दिलवाया है, जबकि उनकी कंपनी को विमानों के बारे में किसी तरह से अनुभव नहीं है। प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कांग्रेस अध्यक्ष आरोप लगाते हैं कि देश का ‘चौकीदार चोर है।’ श्री गांधी के इस नारे के जवाब में श्री मोदी ने हाल ही में अपने टविटर हैंडल पर अपने नाम से पहले ‘चौकीदार’ शब्द जोड़ लिया है। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनके सहयोगियों और भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने भी इसका अनुसरण किया है। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में चौकीदारी का व्यवसाय तेजी से बढने वाले व्यवसायों में शामिल है। इसके अनुसार अगले वर्ष तक देश में चौकीदारी का उद्योग एक हजार अरब रुपए का होगा और इसमें एक करोड़ तक युवा जुड़े होंगे। इन युवाओं की आयु 15 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होगी। कामगारों से जुड़े एक संगठन के अनुसार चौकीदारी के पेशे में अधिकतर लोग उत्तरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, झारखंड और असम से आते हैं। हालांकि दो दशक पहले चौकीदारी के पेशे में नेपाल से आये लोगों का वर्चस्व था। चौकीदारी के पेशे के लिए विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं होती है। सामान्य कद काठी और ज्ञान के आधार पर चौकीदारी के पेशे में प्रवेश पाया जा सकता है। हालांकि युवाओं को किसी भी स्थान पर चौकीदार के रुप में तैनात करने से पहले

एक – दो दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है जिसमें क्षेत्र विशेष की जानकारी और सामान्य शिष्टाचार बताया जाता है। एक अध्ययन के अनुसार चौकीदारी के पेशे में अधिकतर युवा गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों से आते हैं और ये स्कूली शिक्षा बीच में छोड़कर इस पेशे से जुड़ जाते हैं। चौकीदारी के पेशे ने लाखों परिवारों को गरीबी की रेखा से ऊपर आने में मदद दी है। बदलते वक्त के साथ चौकीदारी के काम में कई व्यावसायिक कंपनियां भी प्रवेश कर गयीं हैं। घरों, आवासीय परिसरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लेकर व्यक्तियों की सुरक्षा एवं बैंकों में नकदी लाने ले जाने के काम में इन चौकीदारों को तैनात किया जाने लगा है। कई सरकारी प्रतिष्ठानों में भी इन प्राइवेट सिक्योरिटी गाड्र्स को रखने का चलन हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष के ‘चौकीदार चोर है’ नारे को चौकीदारी के पेशे से जुड़े कुछ लोगों ने अपने सम्मान से जोड़ते हुए मुंबई में प्राथमिकी दर्ज करायी है। इसके अलावा चौकीदारी के पेशे से जुड़े लोगों के संगठन ने इसकी शिकायत भ ारतीय मजदूर संघ से की है जिसने श्री गांधी से इस नारे पर माफी मांगने को कहा है और आंदोलन करने की धमकी दी है। जानकारों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ‘चौकीदार चोर है’ के नारे को चौकीदारी से जुड़े लोगों के आत्मसम्मान से जोडऩे के प्रयास में हैं। इससे उसे एक बड़े वर्ग की सहानुभूति मिल सकती है। पिछले लोकसभा चुनावों में श्री मोदी कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की उन पर की गयी ‘चायवाला’ टिप्पणी को भुनाने में कामयाब रहे थे।

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