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ELECTION 2019 EFFECT: नयी नियुक्तियों पर लगी रोक , नहीं आएगा कोई भी रिजल्ट

चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही सूबे में सभी तरह की सरकारी भर्तियों के रिजल्ट पर ब्रेक लग गया है। आयोग के निर्देश के तहत अब 27 मई से पहले किसी भी भर्ती का न तो रिजल्ट जारी हो सकता है और न ही किसी को नियुक्ति मिलेगी।

इस संबंध में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने सभी विभागों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। यह जानकारी सोमवार को होटल हालीडे होम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) देवेश कुमार ने दी।

सीईओ ने कहा कि इस मियाद के दौरान नोटिफाई हो चुकी भर्तियों की प्रक्रिया जारी रह सकती है। उन्होंने बताया कि सभी निर्माण एजेंसियों से विभिन्न निर्माण कार्यों के स्टेटस की रिपोर्ट मांग ली है ताकि उस स्टेटस को बेंचमार्क मानते हुए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत पर परखा जा सके।

चुनावी ड्यूटी पर रैंडमाइजेशन के तहत साफ्टवेयर की मदद से कर्मियों 70 हजार कर्मियों में से चयनित कर लगाया जाएगा। इन कर्मियों की नियुक्ति के समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि वह लोकल में तैनात न हों।

साथ ही उनका स्थानीय निवास या गृह विधानसभा क्षेत्र भी नहीं होना चाहिए। चुनावों के दौरान पुलिस की ओर से नोडल अधिकारी व एडीजी कानून व्यवस्था एसबी नेगी ने बताया कि सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस स्टेशन के स्तर पर सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है।

केंद्रीय पुलिस बलों की 42 कंपनियां केंद्रीय चुनाव आयोग से मांगी गई हैं। सभी 99 स्टेट बैरियरों को सीसीटीवी से लैस किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के 773 पोलिंग बूथों पर वेब कास्टिंग की जाएगी। इसके अलावा चुनावों में साढ़े बारह हजार पुलिस कर्मी व साढ़े छह हजार होमगार्ड के जवान भी तैनात किए जाएंगे।

बताया कि पिछले चुनावों में एमसीसी उल्लंघन के 9 मामले दर्ज किए गए थे जिनमें दो में क्लोजर रिपोर्ट लग गई जबकि 7 मामलों में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है।

70 लाख कर सकेंगे खर्च

चुनाव के दौरान प्रत्याशी 70 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। साथ ही जमानत राशि को आयोग ने 25 हजार रुपये निर्धारित किया है। वहीं, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के प्रत्याशियों के लिए यह राशि आधी होगी।

रात दस बजे से साबह छह बजे तक लाउड स्पीकरों का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। वहीं विज्ञान व बैनर के लिए प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। हर चुनाव अधिकारी के कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है जहां जानकारी लेने के साथ ही शिकायत भी दर्ज कराई जा सकेगी।

वहीं, खर्च निगरानी के लिए मैकेनिज्म तैयार किया गया है। खर्च निगरानी के लिए 206 फ्लाइंग स्क्वाएड के अलावा 70 वीडियो सर्विलेंस टीम और 13 एमसीएमसी टीमें गठित की गई हैं।

नेता-मंत्री नहीं कर सकेंगे घोषणा

चुनावी प्रक्रिया के दौरान मंत्री या नेता किसी भी रूप में किसी तरह की वित्तीय मंजूरी या आश्वासन नहीं दे सकेंगे। इसके अलावा किसी तरह की परियोजनाओं व स्कीमों के लिए आधारशिला, सड़काें व पीने के पानी की सुविधाएं देने का भी एलान नहीं कर सकेंगे। वहीं, इस दौरान शासन किसी भी सरकारी उपक्रम में नियुक्ति नहीं कर सकेगा।

हर मतदान केंद्र में होगी वीवीपैट मशीन
सीईओ ने बताया कि हर मतदान केंद्र पर ईवीएम व वीवीपैट का प्रयोग मतदान के दौरान किया जाएगा। इसके अलावा 50 प्रतिशत ईवीएम व वीवीपैट को अतिरिक्त रिजर्व रखा गया है। हर मतदान केंद्र पर एक प्रिसाइडिंग अफसर के अलावा तीन पोलिंग अधिकारी तैनात होंगे। मतदान के दौरान फोटोयुक्त मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा जिसमें मतदाता की जानकारी दर्ज होगी।

मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में सुबह 9 से रात 9 बजे के बीच टोल फ्री नंबर 18003321950 पर संपर्क किया जा सकेगा। इसके अलावा हर जिले के एसटीडी कोड के साथ 1950 मिलाकर भी चुनावी जानकारी हासिल की जा सकेगी।

इसके अलावा सी विजिल नाम से एप बनाया गया है जिसमें फोटो व वीडियो के साथ शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी जिसकी सौ मिनट के अंदर जांच शुरू हो जाएगी।

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