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तो पहली बार कांग्रेस टिकट देगी ब्राह्मण को!

सुधीर का नाम आने से बनेगा इतिहास, लेकिन पवन काजल दे रहे हैं टक्कर

धर्मशाला : Lok sabha Elections 2019  फिलवक्त यह तय नहीं है कि कांगड़ा ( Kangra) संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस ( Congress) की टिकट किसको मिलेगी? शॉर्टलिस्ट दो नाम सुधीर शर्मा और पवन काजल (Pawan Kumar Kajal) ( के हैं। यदि सुधीर शर्मा ( Sudhir Sharma)को टिकट मिलती है तो यह पहला मौका होगा कि कांग्रेस इस संसदीय क्षेत्र में किसी ब्राह्मण को टिकट देगी। अभी तक ओबीसी, राजपूत, महाजन तबकों पर ही कांग्रेस दांव खेलती आई है।

चाहे वह चंद्र कुमार, चंद्रेश कुमारी, सत महाजन या विक्रम महाजन थे। कभी ब्राह्मण नेता को कांग्रेस की टिकट नहीं मिली है। इस मामले में भाजपा के खाते शांता कुमार, राजन सुशांत भाग्यशाली ब्राह्मण जरूर रहे हैं। कांग्रेस में सुधीर और जीएस बाली दोनों चर्चित ब्राहण नेता हैं। दोनों के बीच सियासी समीकरण भी जगजाहिर रहे हैं। टिकट की रेस में पहले बाली ही बाली थे, लेकिन फिलहाल शॉर्टलिस्ट हुए नेताओं में सुधीर ही रह गए हैं। काजल ओबीसी समुदाय से हैं। धर्मशाला शिफ्ट होते ही सुधीर शर्मा के ग्रहों की चाल बाली की ग्रह दशा में दाखिल हो गई थी। साल 2012 में सुधीर कांग्रेस के महाराजधिराज वीरभद्र सिंह के ग्रहों में इस तरह से शामिल हुए कि दोनों में मित्रभाव बन गया।

इधर इन दोनों में मित्र भाव बना तो बाली ( gs Bali) के ग्रह विपरीत कोणों में चले गए और बाली की दूरियां बढ़ गईं। सरकार में कैबिनेट की बैठकों में दोनों के उलझने की खबरें आम हो गईं। बाली राजा के सामने आम तो सुधीर खास हो गए। फिर विधानसभा चुनाव आए तो इन दोनों के ग्रहों की चाल और भी बिगड़ गई। नतीजों से खुलासा हो गया कि राहु-केतु की मार ने दोनों को सियासत से बाहर कर दिया। बहरहाल लोकसभा चुनावों में फिर दोनों चर्चा में आए और फिलहाल सुधीर आगे दिख रहे हैं। सियासी माहौल सुधीर को लेकर भी तपा हुआ है। बात बनती है तो उनके साथ हिसाब बराबर करने के लिए कांग्रेसी ही बैठे हुए हैं।

ऐसे नेता शाहपुर, बैजनाथ, पालमपुर, शाहपुर, नगरोटा बगवां, ज्वाली समेत बहुत सारे विधानसभा क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस में अंतिम समय तक कुछ भी हो सकता है। कांग्रेस में टिकट की घोषणा के बाद भी बदलने के उदाहरण हैं। बहरहाल सियासी आसमान पर बिजलियां कड़क रही हैं। देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस पहली दफा किसी पंडित को टिकट देगी? देगी तो क्या इनमें से कोई एक होगा? अगर हुआ तो क्या यह बिजलियां कांग्रेस के लिए कोई पावर हाउस बनाएंगी या फिर कांग्रेसी घर की छत पर ही गिरेंगी? बहरहाल बवाल कई हैं, सवाल भी कई हैं।

ओबीसी की जंग

अगर टिकट किसी ब्राह्मण नेता के खाते में आई तो यह भी तय है कि बकाया कुनबों में घमासान होगा। वीरभद्र धड़ा ओबीसी वर्ग में पवन काजल को नए चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट करने में कोई कसर नहीं रख रहा है। चौधरी चंद्र कुमार को इस ताज से पछाड़ा जा रहा है। यही वजह है कि अब चौधरी परिवार बाली के साथ नजदीकियां बनाए हुए है। सबूत है चंद्र कुमार के बेटे व पूर्व विधायक नीरज भारती की सोशल मीडिया पर सुधीर शर्मा के खिलाफ खुली जंग।

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