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Lok Sabha Election 2019: कौन सुनेगा, किसको सुनाएं इसलिए चुप रहते हैं…

Lok Sabha Election 2019 शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत अर्की विधानसभा क्षेत्र की डुमैहर पंचायत ने क्षेत्र को कई विधायक दिए, लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। पेयजल की समस्या से तो लोग जूझ ही रहे हैं, पंचायत में सड़क सुविधा भी नहीं है। गांव के रास्तों की हालत खराब है। गांववासी हर तरफ गुहार लगाकर थक गए हैं और अब उन्होंने चुप रहना ही बेहतर समझ लिया है।

217 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली डुमैहर पंचायत ने कई लोगों को नेता बनाया, विधानसभा तक पहुंचाया लेकिन पंचायत को अपने माननीयों की नजर-ए-इनायत का इंतजार है। डुमैहर पंचायत में करीब दो हजार मतदाता हैं। पंचायत में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। इस पंचायत ने वर्ष 1952 से लेकर नौ बार अर्की की जनता को विधायक दिया है।

वर्ष 2007 का चुनाव ऐसा था जब कोई विधायक डुमैहर पंचायत से नहीं था। पंचायत से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस नेता हीरा सिंह पाल पांच बार विधायक बने जबकि भाजपा नेता नगीन चंद्र पाल चार बार विधायक बने हैं। हैरानी की बात है कि इस पंचायत के कुछ गांव अब भी असुविधाओं के दंश झेल रहे हैं।

पंचायत के कोट गांव में पेयजल किल्लत

डुमैहर पंचायत के कोट गांव में पानी की समस्या विकराल है। ग्रामीण कई बार आइपीएच विभाग के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन पानी नसीब नहीं होता है। गांव के स्टोरेज टैंक को मुख्य टैंक से जोड़ने के लिए अरसे से मांग उठाई जा रही है। कोटडुमैहर पेयजल योजना से डुमैहर, देवरा व बनोह पंचायत को पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन जिस गांव के नाम पर योजना बनी है, उसे सीधे मुख्य टैंक से ही नहीं जोड़ा गया है। यही कारण है कि यहां हमेशा ही पानी की किल्लत रहती है।

सड़क का भी नहीं हुआ निर्माण

डुमैहर वाया कोट-जघाणा-धैली के लिए सड़क का निर्माण किया जाना है। प्रथम चरण में पौ घाटी से जघाणा तक सड़क का निर्माण हुए करीब 15 वर्ष हो गए हैं, लेकिन डुमैहर से वाया कोट-पौ घाटी के लिए सड़क का काम शुरू नहीं हुआ। इसके कारण यह गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने इसका सर्वे भी कर लिया है, लेकिन अभी तक डीपीआर नहीं बनी है।

रास्तों की हालत भी सही नहीं

इस गांव में रास्तों की हालत भी दयनीय है। रास्तों के निर्माण के लिए स्थानीय पंचायत में बजट आए डेढ़-दो वर्ष हो गए हैं, लेकिन पंचायत ने अभी तक काम शुरू नहीं किया है।

गांव निवासी हरीश पाल का कहना है कि गांव में हमेशा ही पानी की समस्या रहती है। आइपीएच विभाग से कई बार शिकायतें करने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। गांव के स्टोरेज टैंक को मुख्य टैंक से जोड़ने के लिए जब पैसा जारी हो गया है तो विभाग को इस कार्य को जल्द पूरा करना चाहिए। गांव के रास्तों के निर्माण के लिए पंचायत में बजट आया है, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है।

ग्राम पंचायत डुमैहर के उपप्रधान कैप्टन तिलक राज पाल का कहना है कि कोट गांव में पेयजल समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जब आइपीएच कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था, तो कुछ समय के लिए यह समस्या दूर हो गई। यदि विभाग ने गांव के स्टोरेज टैंक को मुख्य टैंक से नहीं जोड़ा तो फिर आंदोलन किया जाएगा। गांव के रास्तों का जल्द निर्माण किया जाएगा।

कोट गांव के स्टोरेज टैंक को मुख्य टैंक से जोड़ने के लिए उपायुक्त सोलन से दो लाख रुपये का बजट जारी हुआ है, लेकिन यह काफी कम है। बजट की व्यवस्था होते ही इस कार्य को पूरा किया जाएगा।

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