हिमाचल की राजनीति में आया राम गया राम वाली कहानी आखिर है क्या

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पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री सुखराम और उनके पोते आश्रय शर्मा अभी कुछ दिन पहले ही राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कांग्रेस में शामिल हो गये. सुखराम ने इसे अपनी ‘घर वापसी’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस में बुजुर्गों का सम्मान है. सुखराम को टेलीकॉम घोटाले में नाम आने के बाद कांग्रेस से निकाल दिया गया था. सुखराम का पार्टी में स्वागत करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘हम सबके लिए हर्ष की बात है कि उत्तर भारत के कद्दावर नेता पंडित सुखराम जी और उनके पौत्र कांग्रेस में फिर से शामिल हुए हैं. हिमाचल प्रदेश खासतौर पर मंडी के लिए सुखराम जी विकास पुरुष हैं.’ साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी को विश्वास है कि सुखराम और आश्रय शर्मा के कांग्रेस में आने से पार्टी को हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत में बल मिलने वाला है.

हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल शर्मा के बेटे आश्रय शर्मा मंडी संसदीय सीट से चुनाव लड़ना चाहते है. भगवा पार्टी द्वारा मंडी सीट से मौजूदा सांसद रामस्वरूप शर्मा को फिर से टिकट दिये जाने के बाद उन्होंने भाजपा (BJP) छोड़ दी थी.

पूर्व संचार मंत्री सुखराम ने सुप्रीम कोर्ट से कहामैं 92 साल का हूं, एक दोषी के रूप मे नहीं मरना चाहता

सीबीआई द्वारा उनके आधिकारिक आवास से 3.6 करोड़ रुपए जब्त करने के 15 साल बाद साल 2011 में उन्हें दोषी ठहराया गया था. सीबीआई ने कहा कि ये अवैध टेलीकॉम कॉन्ट्रेक्ट के लिए ली गई रकम थी. इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति मामले में भी दोषी ठहराया गया था. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जहां अभी मामला लंबित है.

टेलीकॉम घोटाले में नाम आने के बाद सुखराम को कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया था. इसके बाद उन्होंने हिमाचल विकास कांग्रेस का गठन किया और उन्होंने चुनाव के बाद भाजपा से गठबंधन कर कर सरकार में शामिल हो गए थे. 2004 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया, लेकिन साल 2017 में फिर छोड़ दिया और भाजपा ज्वाइन कर ली. हिमाचल प्रदेश के मंडी से साल 1962 से 1984 तक सांसद रहे सुखराम का मंडी संसदीय क्षेत्र में काफी प्रभाव है जहां से वह तीन बार सांसद निर्वाचित हुए थे.

उनके बार बार दाल बदलने को लेकर ही पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उन्हें  आया राम गया राम कह के सम्बोधित करते हैं

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